रहस्य कथा लेखिकाएं-Frances Crane

frances crane

जासूसी और रहस्य कथाओं के लेखन के सिलसिले में जब विश्व साहित्य पर गौर किया जाए तो ये देखकर ताज्जुब होता है की इस विधा के लेखन में न केवल वर्तमान समय में बल्कि अपने आरम्भ से ही महिलाओं की भागीदारी और कामयाब भागीदारी की एक लम्बी फेहरिस्त है I जहाँ एक ओर कुछ महिला लेखकों और उनके किरदार दोनों ने मकबूलियत हासिल की तो दूसरी ओर ऐसी महिला लेखकों की भी तादाद कम नहीं जहाँ वक़्त के धुंधलाते पन्नो ने उस लेखिका के वजूद को तो अपने दिनों दिन पीले पड़ते जाते पन्नो में समेटकर गुमनामी की अँधेरी खोह में धकेल दिया I लेकिन उनकी कलम ने अपनी तासीर से जिन किरदारों को पैदा किया था उनकी लेखन जगत में दमदार मौजूदगी नें बार बार अपने वजूद की नुमाइश के लिए आते वक़्त तक दस्तक जारी रखी और देर सबेर ये दस्तक किसी न किसी के कानों को सुनाई भी पड़ी और उन गुमशुदा किरदारों के वजूद को अपना खोया हुवा सुनहरा दौर भी मयस्सर हुवा ! कुछ भी लाफ़ानी नहीं इस जहाँ में, और जो फानी है वो भी वक़्त की किस चाल की साजिश के सदके कुछ ऐसा कर गुज़र सा गया जो इस फानी और लाफ़ानी के दरमियान के बारीक फर्क को तर्क करके अपने किरदार को पैदा कर खुद तो फानी दुनिया की हकीकत से दो चार होकर गुज़र गया और पीछे अपने पैदा किये किरदार की शक्लो सूरत में एक लाफ़ानी सा वजूद दे गया I जिस पर भले ही गफलतों के सिलसिले तारी रहे, आने वालों के हुजूम के चंद लोगों को छोड़कर भले ही पूरा हुजूम उन्हें न पहचाना लेकिन उनका लाफ़ानी होना ही एक दिन उन्हें उसी पूरी शिद्दत से चमका गया I

साल २००४, Rue Morgue Press के Tom और Enid Schantz को ऐसी ही एक दस्तक सुनाई दी थी उन किरदारों की जो अपने वक़्त के न केवल अजब अनोखे किरदार थे बल्कि अपनी पैदाइश के साथ ही इस विधा में छा गए थे I ये किरदार थे Jean Holly और Patt Abbott जो की उस दौर में सबसे कामयाब प्राइवेट इन्वेस्टीगेटर्स की शादीशुदा जोड़ी थी और १९४१ से १९६५ के दरमियान अपने कुलजमा २६ कारनामों और उपन्यासों से जासूसी संसार में दमदार तरीके से अपनी मौजूदगी दर्ज कराते रहे थे I गाहे बगाहे आज भी जब कभी उस दौर के कुछ मशहूर किरदारों का ज़िक्र विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में उठा है तो इन किरदारों के ज़िक्र के बगैर वो फेहरिस्त मुकम्मल ना हुई I और ऐसे किरदारों को अपनी कलम से पैदा करने वाली और महज़ अपनी किशोरवय पुत्री के कॉलेज और उसकी जरूरियातों को पूरा करने के लिए जरूरी खर्चों के इन्तेजामात के लिए इस विधा में आकर इन किरदारों के जरिये रहस्य कथा लिखने वाली लेखिका फ्रांसिस क्रेन (Frances Crane) को भुला दिया गया I यहाँ तक की जब खुद इस लेख की लेखिका ने इन्टरनेट पर उक्त लेखिका के बारे में खोजबीन की तो महज़ एक धुंधली सी तस्वीर के सिवा कोई तस्वीर न मिल सकी जिसे प्रामाणिक रूप से उक्त लेखिका की ही कही जा सकती I बहरहाल २००४ के बाद से वो किरदार अपने जलवे लेकर आज की इस मौजूदा पीढ़ी को खुद से ताअर्रुफ़ करवाने को अपने कारनामों को लेकर amazon पर मौजूद हैं I

Frances Crane का जन्म २७ अक्टूबर १८९० को Lawrenceville, Illinois में एक सुशिक्षित परिवार में हुआ था जिसमे अधिकतर पुरुष डॉक्टर थे I Frances के पति एक कामयाब और रईस विज्ञापन प्रतिनिधि थे और फ्रांसिस ने अपनी वैवाहिक जीवन के दौरान The New Yorker पत्रिका में मुसलसल अपने व्यंग्य और कटाक्षपूर्ण लेख लिखे और अपने सहज हास्य और व्यंग्य शैली के लिए मशहूर भी हुईं I अपने जर्मनी प्रवास के दौरान हिटलर की एक स्पीच पर टिप्पणी करने और नाज़ीवाद की तीखी आलोचना करने के चलते उनकी काफी मलामत भी हुई I मगर उनकी इस आज़ादख्याली, आज़ादाना सोच और उनके मुखर स्वभाव का पुरजोर विरोध हुआ और उन्हें जर्मनी से निकाल दिया गया I और यहीं से उनपर मुसीबतों का दौर शुरू हुआ I जर्मनी से निकाले जाते ही न केवल उनका उनके पति से तलाक के माध्यम से अलगाव हुआ बल्कि उनकी एकलौती पुत्री के कॉलेज खर्च और उसकी जरूरतों के लिए माली दुश्वारियों का सामना भी करना पड़ा I इस दौरान उन्हें इस बात का पूरी तरह एहसास हो चुका था की जिस अंग्रेजी संस्कृति को वो अपने व्यंग्यात्मक लेखों के जरिये निशाना बनाया करती थीं उसका आप आधुनिक अमरीकियों में कोई craze नहीं रह गया था और उन्हें कुछ नया करना होगा क्यूंकि एक यही लेखन ही उनका जरिया था I १९४१ में एक आभूषण विक्रेता की दूकान पर हुई एक घटना से प्रेरित होकर उन्होंने अपना पहला अपराध उपन्यास लिखा ‘The Turquoise Shop’ जिसमे उन्होंने दो किरदारों की रचना की –Jean Holly और Patt Abbott I ये उपन्यास आते ही सराहा गया और उनका इस विधा में लेखन का सफ़र चल पड़ा I हालांकि इस उपन्यास में उन्होंने इन दोनों किरदारों को विवाहित नहीं दिखाया था लेकिन उनकी कामयाबी और कुछ अलग हटकर रचने के चलते अपने तीसरे उपन्यास ‘The Yellow Violet’ में विवाह बंधन में बांधकर बतौर जासूस एक शादीशुदा जोड़े की कल्पना को अमलीजामा पहनाया और १९६५ तक मुसलसल इस सीरीज को लिखती रहीं जो Abbott Mysteries के तौर पर मकबूल और  बहुप्रशंसित हुईं I frances ने इस विधा के लेखन में दूसरी अन्य महिला लेखकों की बनिस्बत एक लम्बा और कामयाब दौर देखा भी और उसका पूरा लुत्फ़ भी लिया I उनका अंतिम रहस्य उपन्यास ७८ वर्ष की आयु में प्रकाशित हुआ था I और इस सीरीज की मकबूलियत ने ही इसे १९४५ से १९५५ के दौरान रेडियो पर Abbott Mysteries के नाम से अपनी मौजूदगी दर्ज करायी और कामयाब भी हुई I इस सीरीज के अलावा उन्होंने 4 अन्य रहस्य कथा उपन्यास लिखे थे जो खुद इस सीरीज की ही तरह कामयाब हुवे थे I

frances ने इस सीरीज के टाइटल में भी एक अजब प्रयोग किया था और उन्होंने सारे उपन्यासों के नाम रंगों के आधार पर रखे थे I ‘The Turquoise Shop, The Golden Box, The Pink Umbrella, Murder on the Purple Water, Murder in Blue Street, Murder in Bright Red, 13 White Tulips’ आदि उनके प्रसिद्द उपन्यास हैं I

उनकी बेटी Nancy के विषय में एक घटना दिलचस्पी से खाली भी नहीं और काफी हैरतंगेज़ घटना समझी जाती है I नैंसी का विवाह Pulp मैगज़ीन Black Mask लेखक Norbert Davis से हुआ था जिससे नैंसी की एक पुत्री थी I Davis को खुद के Cancer पीड़ित होने का जब इल्म हुआ तो उन्होंने अवसादग्रस्त होकर १९४९ में एक बंद गैरेज में खुद को क़ैद करके और कार का इंजन चालू रखकर आत्महत्या कर ली थी I कुछ वर्षों बाद नैंसी जो अब विधवा थी उसी कार को चलाते हुवे एक शराबी द्वारा दुर्घटना की शिकार हो गयी और घटनास्थल पर ही मृत्यु घोषित कर दी गयीं I लेकिन हैरतंगेज़ तरह से न केवल वो पुनर्जीवित हुई बल्कि इस दुर्घटना के कुछ ही महीनो बाद एक पुत्री को जन्म भी दिया जबकि दुर्घटना के बाद वो कई महीनो तक विकृत चेहरे के साथ थीं I

Frances Crane ने खुद को सक्रिय लेखन से १९६८ में अलग कर लिया था और अंतिम समय में वो Albuquerque, New Mexico में थीं जहाँ वो कुछ ही महीनो पहले बीमारी के दौरान आराम और इलाज़ के चलते आयीं थीं और ६ नवम्बर १९८१ को ९१ वर्ष की उम्र में वहीँ रहते उनका देहांत हो गया I

आज भले ही Frances Crane का नाम रहस्य कथा लेखन जगत में कई चमकते सितारों के बीच गुम गया हो लेकिन अपने किरदार Jean और Patt Abbott के माध्यम से वो आज भी लाफ़ानी हैं I

रहस्य कथा संसार के विस्मृत व्यक्तित्व

Joseph Jefferson FarjeonJoseph

दुर्भाग्य ! एक ऐसा लफ्ज़ जिसके साए तले कितना भी कामयाब इंसान या कोई भी रचना, सृष्टि, कब आकर अपना वजूद खो बैठे, कोई नहीं जानता I मानव मस्तिस्क भी बड़ा अस्थिर किस्म का अंग है, एक ओर जहाँ इसकी स्मरणशक्ति का कोई जवाब नहीं, तो दूसरी ओर घटनाओं, व्यक्तिओं, चेहरों को विस्मृति के गर्त में  धकेलने में देर भी नहीं करता I रहस्य कथाओं और अपराध लेखन का संसार विचित्रताओं भरा संसार है और अपने इस संसार की भीतरी दीवारों के बीच रचे गए अनगिनत कथानकों, उनके चरित्रों की नियति की ही तरह जहाँ एक ओर रोमांच की रचना करता हुआ उजला उजला सा पहलू अपने उजलेपन का तड़क भड़क भरा प्रदर्शन करता दिखता है, तो दूसरी ओर उन्ही कथानकों में बसी नियति और अपने कथानकों की ही तरह उतना ही क्रूर और रहस्यों भरा है I इस लेखन की विडंबना है की सिर्फ आज की कामयाबी का जश्न है और लतीफ़े हैं , कल किसी और की कामयाबी के कसीदे होंगे और परसों बीते हुवे कल की खूबसूरत और सुनहरी यादों के मर्सिये होंगे जो वक़्त के साथ साथ पहले अपनी गेयता, फिर लयात्मकता, फिर अपने बोलों का क्रम और अंत में लफ्ज़ तक खोकर समय के blackhole सदृश शून्य में खो जायेंगे I बहुत विरले ही इस दुर्भाग्य की ज़द से खुद को बचा सके हैं और पूरी कामयाबी और शिद्दत से दमकते रह गए हैं I कारण चाहे जो भी रहे हों, चाहे वक़्त उन पर मेहरबान था या उनकी कामयाबी इतनी बड़ी थी ? या फिर उन्होंने अपनी तारीख़ का पन्ना खुद ही लिखा था I

एक वक़्त में अपने उम्दा लेखन, अपने बेहतरीन चरित्र चित्रण और मनोरंजन करने की अतिरिक्त लेखन शैली, व्यंग्य की अच्छी पकड़ और साथ ही साथ उस दौर के विशुद्ध जासूसी और अपराध लेखन में पहली बार रोमांस और प्यार का तडका लेकर कथानकों के निर्माण से उपजे अफसानों को लिखने वाले और तकरीबन ८० से अधिक किताबें लिखने वाले लेखक की ये नियति हो तो इस लेख में मैंने अभी जो कुछ ऊपर लिखा है कहाँ से गलत है ?

जी हाँ, अपराध और जासूसी कथा लेखन में पहली बार रोमांस का पुट डालकर लिखने वाले लेखक Joseph Jefferson Farjeon (जोसेफ़ जेफर्सन फारयों) के जन्म की आज १३३ वीं वर्षगाँठ है I

जोसेफ जेफर्सन का जन्म 4 जून १८८३ को लन्दन में एक अत्यंत प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था जो कलाकारों और प्रतिभाशाली लोगों से भरा था I उनके नाना Joseph Jefferson अमरीकी एक्टर थे और पिता स्वयं एक विद्वान् और सफल लेखक थे I जेफरसन का नामकरण अपने नाना के नाम पर हुआ था I उनकी शिक्षा दीक्षा व्यक्तिगत तौर पर Peterborough Lodge में हुई और १९१० में उन्होंने Amalgamated प्रेस में सम्पादकीय कार्य करना शुरू किया जहाँ वे १९२० तक लगे रहे I

उन्होंने एक लंबा और कामयाब लेखकीय जीवन जिया था I १९२० में उन्होंने प्रेस में काम छोड़कर स्वतंत्र लेखन शुरू किया था I अपने लेखन के दम पर उन्होंने वो सब कुछ अर्जित किया जिसे याद करते हुवे The Times नें उन्हें श्रद्धांजलि देते हुवे कहा था की उन्होंने उस चीज़ का आनंद उठाया जो उन्होंने अपने शानदार, सरल तथा मनोरंजक कथानकों एवं अपने चरित्रों के आधार पर अर्जित किया है I इसी तरह The Newyork Times ने भी उनके एक उपन्यास Master Criminal की समीक्षा देते हुवे कहा था की फर्जेओं अपने लेखन में कहानी कहने के अपने अद्भुत ज्ञान का प्रदर्शन करते हैं और अपनी शुद्ध, सारगर्भित एवं संक्षिप्त कहानी कहने की शैली से कथानक में आनंद को द्विगुणित कर देते हैं I

फर्जेओं का सारा लेखन वाबजूद इतनी कामयाबी और इतनी प्रशंसा के गुजरते वक़्त के साथ साथ भुला दिया गया I उन्होंने उपन्यास के अतिरिक्त Play भी लिखे थे I उनका एक Play Number 17 बहुत ही प्रसिद्ध play है जिसपर कई फ़िल्में बनी लेकिन १९३२ में अल्फ्रेड हिचकॉक निर्देशित Number Seventeen ज्यादा मशहूर हुई I और उस Play में उनके द्वारा रचा गया किरदार Ben भी उतना ही मशहूर हुआ जिसे लेकर बाद में कई उपन्यास भी लिखे I

२०१४ में British Library नें Mystery In White: A Christmas Crime Story को पुनर्प्रकाशित किया और २०१५ में Thirteen Guests एवं The Z Murders का पुनर्प्रकाशन हुआ I

उनका लेखन अपने समय की जानी मानी रहस्य कथा लेखिका डोरोथी एल० सयेर्स द्वारा प्रशंसा प्राप्त था जो अक्सर उनके लेखन को लेकर कहती थीं “ रहस्यमयी रोमांच के मध्य भीतर गहरे तक उतर कर सिहरन पैदा कर देने के कौशल के नायाब लेखक” I

The Master Criminal, No. 17, The House of Disappearance, The 5:18 Mystery, The Mystery on the Moor, The Z Murders’ इत्यादि उनके प्रसिद्ध उपन्यास हैं I

६ जून १९५५ को ७२ वर्ष की उम्र में Sussex में उनका देहांत हो गया I उनकी बहन Eleanor जानी मानी बाल साहित्य की लेखिका थीं I

इतनी प्रशंसा, मकबूलियत और इतनी संख्या में उपन्यास लेखन के वाबजूद उनके महज़ तीन चार उपन्यासों के अलावा तकरीबन सारा लेखन हाशिये पर चला गया I एक लेखक के तौर पर उनके लिए इस से ज्यादा त्रासद और क्या हो सकता है ?