रहस्य कथा संसार के विस्मृत व्यक्तित्व

Joseph Jefferson FarjeonJoseph

दुर्भाग्य ! एक ऐसा लफ्ज़ जिसके साए तले कितना भी कामयाब इंसान या कोई भी रचना, सृष्टि, कब आकर अपना वजूद खो बैठे, कोई नहीं जानता I मानव मस्तिस्क भी बड़ा अस्थिर किस्म का अंग है, एक ओर जहाँ इसकी स्मरणशक्ति का कोई जवाब नहीं, तो दूसरी ओर घटनाओं, व्यक्तिओं, चेहरों को विस्मृति के गर्त में  धकेलने में देर भी नहीं करता I रहस्य कथाओं और अपराध लेखन का संसार विचित्रताओं भरा संसार है और अपने इस संसार की भीतरी दीवारों के बीच रचे गए अनगिनत कथानकों, उनके चरित्रों की नियति की ही तरह जहाँ एक ओर रोमांच की रचना करता हुआ उजला उजला सा पहलू अपने उजलेपन का तड़क भड़क भरा प्रदर्शन करता दिखता है, तो दूसरी ओर उन्ही कथानकों में बसी नियति और अपने कथानकों की ही तरह उतना ही क्रूर और रहस्यों भरा है I इस लेखन की विडंबना है की सिर्फ आज की कामयाबी का जश्न है और लतीफ़े हैं , कल किसी और की कामयाबी के कसीदे होंगे और परसों बीते हुवे कल की खूबसूरत और सुनहरी यादों के मर्सिये होंगे जो वक़्त के साथ साथ पहले अपनी गेयता, फिर लयात्मकता, फिर अपने बोलों का क्रम और अंत में लफ्ज़ तक खोकर समय के blackhole सदृश शून्य में खो जायेंगे I बहुत विरले ही इस दुर्भाग्य की ज़द से खुद को बचा सके हैं और पूरी कामयाबी और शिद्दत से दमकते रह गए हैं I कारण चाहे जो भी रहे हों, चाहे वक़्त उन पर मेहरबान था या उनकी कामयाबी इतनी बड़ी थी ? या फिर उन्होंने अपनी तारीख़ का पन्ना खुद ही लिखा था I

एक वक़्त में अपने उम्दा लेखन, अपने बेहतरीन चरित्र चित्रण और मनोरंजन करने की अतिरिक्त लेखन शैली, व्यंग्य की अच्छी पकड़ और साथ ही साथ उस दौर के विशुद्ध जासूसी और अपराध लेखन में पहली बार रोमांस और प्यार का तडका लेकर कथानकों के निर्माण से उपजे अफसानों को लिखने वाले और तकरीबन ८० से अधिक किताबें लिखने वाले लेखक की ये नियति हो तो इस लेख में मैंने अभी जो कुछ ऊपर लिखा है कहाँ से गलत है ?

जी हाँ, अपराध और जासूसी कथा लेखन में पहली बार रोमांस का पुट डालकर लिखने वाले लेखक Joseph Jefferson Farjeon (जोसेफ़ जेफर्सन फारयों) के जन्म की आज १३३ वीं वर्षगाँठ है I

जोसेफ जेफर्सन का जन्म 4 जून १८८३ को लन्दन में एक अत्यंत प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था जो कलाकारों और प्रतिभाशाली लोगों से भरा था I उनके नाना Joseph Jefferson अमरीकी एक्टर थे और पिता स्वयं एक विद्वान् और सफल लेखक थे I जेफरसन का नामकरण अपने नाना के नाम पर हुआ था I उनकी शिक्षा दीक्षा व्यक्तिगत तौर पर Peterborough Lodge में हुई और १९१० में उन्होंने Amalgamated प्रेस में सम्पादकीय कार्य करना शुरू किया जहाँ वे १९२० तक लगे रहे I

उन्होंने एक लंबा और कामयाब लेखकीय जीवन जिया था I १९२० में उन्होंने प्रेस में काम छोड़कर स्वतंत्र लेखन शुरू किया था I अपने लेखन के दम पर उन्होंने वो सब कुछ अर्जित किया जिसे याद करते हुवे The Times नें उन्हें श्रद्धांजलि देते हुवे कहा था की उन्होंने उस चीज़ का आनंद उठाया जो उन्होंने अपने शानदार, सरल तथा मनोरंजक कथानकों एवं अपने चरित्रों के आधार पर अर्जित किया है I इसी तरह The Newyork Times ने भी उनके एक उपन्यास Master Criminal की समीक्षा देते हुवे कहा था की फर्जेओं अपने लेखन में कहानी कहने के अपने अद्भुत ज्ञान का प्रदर्शन करते हैं और अपनी शुद्ध, सारगर्भित एवं संक्षिप्त कहानी कहने की शैली से कथानक में आनंद को द्विगुणित कर देते हैं I

फर्जेओं का सारा लेखन वाबजूद इतनी कामयाबी और इतनी प्रशंसा के गुजरते वक़्त के साथ साथ भुला दिया गया I उन्होंने उपन्यास के अतिरिक्त Play भी लिखे थे I उनका एक Play Number 17 बहुत ही प्रसिद्ध play है जिसपर कई फ़िल्में बनी लेकिन १९३२ में अल्फ्रेड हिचकॉक निर्देशित Number Seventeen ज्यादा मशहूर हुई I और उस Play में उनके द्वारा रचा गया किरदार Ben भी उतना ही मशहूर हुआ जिसे लेकर बाद में कई उपन्यास भी लिखे I

२०१४ में British Library नें Mystery In White: A Christmas Crime Story को पुनर्प्रकाशित किया और २०१५ में Thirteen Guests एवं The Z Murders का पुनर्प्रकाशन हुआ I

उनका लेखन अपने समय की जानी मानी रहस्य कथा लेखिका डोरोथी एल० सयेर्स द्वारा प्रशंसा प्राप्त था जो अक्सर उनके लेखन को लेकर कहती थीं “ रहस्यमयी रोमांच के मध्य भीतर गहरे तक उतर कर सिहरन पैदा कर देने के कौशल के नायाब लेखक” I

The Master Criminal, No. 17, The House of Disappearance, The 5:18 Mystery, The Mystery on the Moor, The Z Murders’ इत्यादि उनके प्रसिद्ध उपन्यास हैं I

६ जून १९५५ को ७२ वर्ष की उम्र में Sussex में उनका देहांत हो गया I उनकी बहन Eleanor जानी मानी बाल साहित्य की लेखिका थीं I

इतनी प्रशंसा, मकबूलियत और इतनी संख्या में उपन्यास लेखन के वाबजूद उनके महज़ तीन चार उपन्यासों के अलावा तकरीबन सारा लेखन हाशिये पर चला गया I एक लेखक के तौर पर उनके लिए इस से ज्यादा त्रासद और क्या हो सकता है ?

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Author: Saba Khan

I am a covetous reader and an ardent lover of crime and mystery genre. By day I'm an Astt. Professor, but by night I'm a reader, writer and books reviewer regarding genre.

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